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राजगीर में गूंजेगी ‘डायनासोर की दहाड़’: बिहार का पहला डिनो पार्क छह माह में होगा तैयार, पर्यटन को मिलेगा नया पंख

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राजगीर। ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध राजगीर अब जल्द ही विज्ञान और रोमांच के एक अनोखे संगम का साक्षी बनने जा रहा है। बिहार का पहला डायनासोर पार्क नेचर सफारी परिसर में आकार ले रहा है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वन विभाग ने लक्ष्य तय किया है कि अगले छह माह के भीतर यह अत्याधुनिक पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राजगीर नेचर सफारी के क्लिफ वॉक के पास करीब 4.5 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पार्क पारंपरिक मनोरंजन स्थलों से अलग होगा, जहां आधुनिक तकनीक की मदद से करोड़ों वर्ष पुराने मेसोजोइक युग की झलक जीवंत रूप में देखने को मिलेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनिमेट्रोनिक्स और हाई-टेक सेंसर सिस्टम के जरिए तैयार किए जा रहे डायनासोर न सिर्फ दिखेंगे, बल्कि चलेंगे-फिरेंगे, गर्दन घुमाएंगे और दहाड़ेंगे भी, जिससे पर्यटकों को वास्तविक अनुभव का अहसास होगा।जिला वन पदाधिकारी राजकुमार मनमोहन के अनुसार, पार्क का मुख्य आकर्षण विशाल आकार के डायनासोर होंगे, जिनमें करीब 15 मीटर लंबा और 7 मीटर ऊंचा डिप्लोडोकस सबसे बड़ा होगा। इसके अलावा स्पिनोसॉरस और टायरानोसॉरस रेक्स जैसी खतरनाक प्रजातियों की जीवंत प्रतिकृतियां भी स्थापित की जाएंगी। इनकी बनावट में हाई डेंसिटी स्पंज और सिलिकॉन रबर की विशेष परत का इस्तेमाल होगा, जिससे इनकी त्वचा असली जैसी प्रतीत होगी।पार्क का प्रवेश द्वार जुरासिक युग की थीम पर तैयार किया जाएगा, जहां से गुजरते ही पर्यटक डायनासोर की हड्डियों जैसी संरचना वाली सुरंग से होकर अंदर पहुंचेंगे। पूरे परिसर को छह अलग-अलग थीम जोन में बांटा जाएगा, जिनमें टी-रेक्स जोन, डेंजर जोन, बच्चों का खेल क्षेत्र, विश्राम स्थल और इंटरएक्टिव एरिया शामिल होंगे।इस पार्क में रोमांच और शिक्षा का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। यहां 6 मीटर ऊंचा कृत्रिम ज्वालामुखी बनाया जाएगा, जिससे धुआं और प्रकाश प्रभाव निकलेंगे, जबकि बच्चों के लिए एक ‘बोलता पेड़’ लगाया जाएगा, जो ध्वनि और हलचल के जरिए संवाद करता नजर आएगा। छोटे बच्चों के लिए विशेष डिगिंग साइट बनाई जाएगी, जहां वे रेत में छिपे डायनासोर जीवाश्म खोजने का अनुभव ले सकेंगे। इसके अलावा डिनो राइडिंग, 3डी थिएटर, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, कैफेटेरिया और स्मारिका दुकान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना राजगीर और आसपास के इलाकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इससे न सिर्फ देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार की इस पहल से बिहार के पर्यटन मानचित्र पर राजगीर एक नए और आधुनिक आकर्षण के रूप में तेजी से उभरता नजर आ रहा है।

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